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आंगनवाड़ी सहायिका का आठ माह से लंबित मानदेय जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में इंदौर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते एक बिचौलिये को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना ठीकरी के परियोजना अधिकारी धन्नालाल दांगी और भृत्य दिनेश खतवासे के खिलाफ भी जांच और कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त के अनुसार ग्राम संगोदा बेडीपुरा निवासी उर्मिला सोलंकी, जो आंगनवाड़ी सहायिका हैं, को नियुक्ति के बाद से करीब आठ माह का मानदेय नहीं मिला था। आरोप है कि मानदेय जारी कराने के एवज में परियोजना अधिकारी और भृत्य ने मिलकर 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
उर्मिला सोलंकी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर में की। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान भृत्य दिनेश खतवासे के कहने पर राजेश पाटीदार, निवासी केरवा, ने आवेदिका से 5 हजार रुपए लिए। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 एवं बीएनएस 2023 की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
