राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने अपने जन्मदिन को समाजसेवा और श्रम के सम्मान को समर्पित करते हुए अनूठे अंदाज में मनाया

बड़वानी। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर डॉ. सोलंकी ने पूरा दिन श्रमदान, जनसहभागिता और ग्रामीण विकास कार्यों में बिताकर समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश दिया। प्रात:काल उन्होंने अपने पैतृक ग्राम में माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात वे सीधे खेतों में पहुंचे। जहां उन्होंने दर्जनों किसानों के साथ अपनी बैल जोड़ी से स्वयं हल चलाकर श्रमदान किया। यह दृश्य ग्रामीण जीवन, किसान संस्कृति और श्रम के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है। सांसद ने कहा कि धरती से जुडक़र किया श्रम ही जीवन का वास्तविक आधार है और यही भारत की आत्मा है।


इसके उपरांत वे ग्राम अंबापानी और ठान पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर विभिन्न विकास कार्यांे में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने तालाब गहरीकरण, सफाई अभियान और अन्य श्रम कार्यों में स्वयं श्रम करते हुए लोगों को श्रमदान के लिए प्रेरित किया। उनके इस प्रयास से बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और महिलाएं भी जुड़ीं और पूरे उत्साह के साथ श्रमदान में भाग लिया। मजदूर दिवस के अवसर पर सांसद ने श्रमिकों का सम्मान करते हुए उन्हें मिठाई खिलाई। उन्होंने कहा कि श्रमिक समाज की रीढ़ हैं और उनके परिश्रम से ही देश का विकास संभव होता है। उन्होंने श्रमिकों के योगदान को नमन करते हुए समाज में उनके सम्मान को बढ़ाने का आह्वान किया।

वहीं डॉ. सोलंकी ने कहा कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसरों को समाजहित में समर्पित करना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे भी अपने जीवन के विशेष अवसरों को समाज के कल्याण के लिए उपयोग में लाएं, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।


डॉ. सोलंकी ने कह कि केंद्र की भाजपा सरकार के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता, श्रम सम्मान और आत्मनिर्भरता के अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने देश में जनभागीदारी की नई भावना विकसित की है। साथ ही मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के नेतृत्व में डॉ. मोहन यादव द्वारा संचालित विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

  • ग्रामीणों ने सांसद के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जब स्वयं श्रम करके उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, तो समाज में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार होता है।