मलखंभ पर नन्हे खिलाड़ियों का दमखम देख प्रभावित हुए मुख्यमंत्री, ₹1 लाख देने की घोषणा

गायत्री धाम में 20 विद्यार्थियों ने आठ एकल विधाओं और सात पिरामिड संरचनाओं से दिखाया अदभुत संतुलन, साहस और सामूहिक तालमेल


दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी 


कलाल्दा स्थित गायत्री धाम में शरद उत्सव के दौरान भारतीय पारंपरिक खेल मलखंभ की रोमांचक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान खींचा। नन्हे खिलाड़ियों के हैरतअंगेज करतब, शारीरिक संतुलन और आत्मविश्वास देखकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रभावित हुए। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना करते हुए मलखंभ का प्रदर्शन करने वाले बच्चों के लिए मुख्यमंत्री निधि से एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

एकलव्य गुरुकुल गायत्री धाम और जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रस्तुति में कक्षा तीसरी से आठवीं तक के 20 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने कठिन आसनों और चुनौतीपूर्ण शारीरिक मुद्राओं के जरिए अपनी दक्षता, लचीलेपन, एकाग्रता और नियमित अभ्यास का परिचय दिया।

आठ एकल विधाओं में दिखाया कौशल

प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों ने आड़ी मारना, वाने गुरुजी की पकड़, चक्रासन, धनुरासन, बजरंगी, पेट मयूरासन और हाथ मयूरासन सहित आठ विधाओं का प्रदर्शन किया। मलखंभ के शीर्ष पर खड़े होकर संतुलन बनाए रखने जैसे चुनौतीपूर्ण करतब भी आकर्षण का केंद्र रहे।

सात पिरामिड संरचनाओं ने मोहा मन

समूह पिरामिड मलखंभ में बच्चों ने सात अलग-अलग संरचनाएं बनाकर सामूहिक तालमेल और आपसी विश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। एक-दूसरे के सहयोग से कठिन संतुलन साधते खिलाड़ियों ने अनुशासन और टीम भावना की मिसाल पेश की।

मुख्यमंत्री ने मलखंभ को शारीरिक मजबूती, मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण पारंपरिक खेल बताया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक श्याम बर्डे, पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।