हक की लड़ाई लड़ने बैठीं छात्राएं, सुबह टेंट-सामग्री ही गायब! एसपी निवास के सामने धरना स्थल पर हुई घटना, थाने पहुंचीं छात्राएं

नौ दिन से आंदोलन, छात्रवृत्ति और अंकसूची का विवाद बरकरार; सामान गायब होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग


दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी


छात्रवृत्ति, फीस और अंकसूची को लेकर आंदोलन कर रहीं नर्सिंग छात्राओं ने दशहरे के बाद धरना स्थल से टेंट, बैनर-पोस्टर, गद्दे और पानी का डिब्बा गायब होने का आरोप लगाया है। एसपी निवास के सामने नौ दिन से धरना दे रहीं 25 छात्राएं सुबह पहुंचीं तो वहां सामान नहीं मिला। नाराज छात्राएं छात्र नेता सुमेर सिंह बड़ोले के साथ थाने पहुंचीं और प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। सामान गायब होने के बावजूद छात्राओं ने आंदोलन समाप्त नहीं किया। वे कारंजा चौपाटी पर बिना टेंट के ही धरने पर बैठी रहीं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

सुबह पहुंचीं तो टेंट और गद्दे गायब

छात्रा पायल वास्कले ने बताया कि छात्राएं रोजाना शाम छह बजे से रात 12 बजे तक धरने पर बैठती थीं। दशहरे के दिन जल्दी जाने के बाद सुबह लौटीं तो टेंट सहित अन्य सामान गायब था। छात्राओं के अनुसार, टेंट संचालक ने भी सामान वापस ले जाने से इनकार किया। सामान किसने हटाया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

39 हजार फीस के बजाय 60 से 65 हजार लेने का आरोप

छात्र नेता सुमेर सिंह बड़ोले ने आरोप लगाया कि नियमानुसार प्रति विद्यार्थी 39 हजार रुपये फीस ली जानी थी, जबकि कॉलेज ने आवास और अन्य मदों के नाम पर 60 से 65 हजार रुपये तक वसूले। उन्होंने आशंका जताई कि आंदोलन समाप्त कराने के उद्देश्य से सामान हटाया गया। छात्रा पायल वास्कले के अनुसार, प्रथम वर्ष में कोरोना काल के दौरान भी 65 हजार रुपये फीस ली गई। दूसरे वर्ष में आवास भत्ते की एक किस्त मिली, जबकि बाकी राशि विद्यार्थियों ने स्वयं जमा की। छात्राओं का आरोप है कि छात्रवृत्ति नहीं आने पर उनसे घर से फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।

छात्राओं ने पांच विद्यार्थियों की अंकसूची लंबित होने और 25 विद्यार्थियों के पंजीयन प्रपत्र आगे नहीं भेजने की बात कही है। उन्होंने अंकसूची और जरूरी दस्तावेज जारी करने तथा फीस संबंधी विवाद सुलझाने की मांग की। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि समाधान होने तक कारंजा चौपाटी पर उनका धरना जारी रहेगा।