Barwani…खबर का असर : कृषि मंडी में आईडी कार्ड पहनकर सौंफ खरीदते नजर आए व्यापारी, सौंफ आवक के साथ भाव में गिरावट

समीप धार जिले की मंडियों से फीकी हो रही बड़वानी में सौंफ की महक, समाप्ति की ओर सीजन

✍️ ध्रुव वाणी न्यूज बड़वानी

स्थानीय कृषि उपज मंडी में सौंफ सीजन के दौरान व्यापारियों की पहचान के लिए मंडी प्रशासन ने आईडी कार्ड जारी किए गए। हालांकि अब मंडी में सौंफ आवक का सीजन समाप्ति की ओर बढऩे लगा है। बीते दो-चार सप्ताह से 1500 से अधिक बोरी की आवक के बाद इस रविवार आवक मात्र पौने चार सौ बोरी पर पहुंंच गई। साथ ही भावों में भी करीब 60 हजार रुपए प्रति क्विं. तक गिरावट आई।

दरअसल गत सप्ताहों में सौंफ की आवक अधिक होने से भीड़ भाड़ के बीच सौंफ व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी थी। लाइसेंसी व्यापारी के साथ अन्य लोगों द्वारा खरीदी किए जाने को लेकर गत सप्ताह खासा विवाद भी हुआ था। इसके मद्देनजर इस रविवार मंडी प्रशासन ने लाइसेंसी व्यापारियों को आईडी कार्ड दिए गए, ताकि किसानों को उपज बेचते समय आशंका की स्थिति न बने। मंडी प्रशासन के अनुसार इस रविवार मंडी में सौंफ आवक 375 बोरी में 225 क्विंटल रही। अधिकतम भाव 14 हजार 200 और न्यूनतम भाव 6500 रुपए प्रति क्विंटल रहा।

उल्लेखनीय है कि बड़वानी कृषि मंडी में जिले के साथ धार, आलीराजपुर, खरगोन आदि जिलों से किसान उपज बेचने आते हैं, तो इंदौर, उज्जैन, देवास और कई जिलों से व्यापारी खरीदी के लिए पहुंचते है।

एक दशक पूर्व के मुकाबले अब मात्र 25 फीसदी आवक

बता दें कि बड़वानी कृषि उपज मंडी में जनवरी से अप्रैल माह तक सौंफ की अधिक आवक से यह मंडी मंडी प्रशासन के अनुसार इस सप्ताह प्रदेश स्तर पर प्रसिद्ध रही हैं, लेकिन बीते वर्षों से समीप धार जिले के उमरबन, गंधवानी, धामनोद मंडियों में सौंफ की आवक बढऩे से बड़वानी में सौंफ की महक लगातार कम होने लगी है। इसका कारण अधिकांश किसान धार जिले से ही यहां उपज बेचने आते हैं, अब वहीं मंडियों में सौंफ बिक्री होने से बड़वानी की ओर धार जिले के किसानों का रुख कम होने लगा है।

जानकारी के अनुसार एक दशक पूर्व के मुकाबले अब मंडी में सौंफ की आवक महज 25 प्रतिशत ही हो रही है। हालांकि किसानों के अनुसार इस बार गंधवानी, उमरबन मंडियों के मुकाबले बड़वानी फिलहाल सौंफ के भाव कुछ बेहतर हैं।