सौभाग्य, धन-समृद्धि और व्यावसायिक सफलता के लिए आयोजित महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
धरगांव (राजेश पवार )।
श्री श्याम सांवरिया धाम इन दिनों आस्था, अध्यात्म और अनुभूति के त्रिवेणी संगम का केंद्र बना हुआ है। यहां चल रहे लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में क्षेत्रभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। मान्यता है कि यह महायज्ञ जीवन में सौभाग्य, धन-समृद्धि और व्यवसायिक उन्नति प्रदान करता है, साथ ही आध्यात्मिक संतुलन और मन की शांति भी देता है।
वैदिक विधि से हुआ यज्ञ प्रारंभ

महायज्ञ के शुभारंभ पर मुख्य यजमान सुधीर पाटीदार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अरणीमंथन द्वारा अग्नि प्रज्वलन किया। यज्ञ के दौरान पंचांग कर्मों में गणेश पूजन, वरुण पूजन, गृह मात्रिका पूजन और ग्रह शांति अनुष्ठान संपन्न हुआ।
इसके पश्चात मंडप पूजन करते हुए यज्ञ स्थल की बल्लियों को विष्णु स्वरूप मानकर देवताओं का आह्वान किया गया।
चार वैदिक द्वारों का पूजन
यज्ञ मंडप के चारों द्वारों पर ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के द्वारों का पूजन किया गया। वैदिक परंपरा के अनुसार यह पूजन धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग का प्रतीक माना गया।

हवन और 2100 आहुतियां
महायज्ञ में पुरुष सूक्त और श्री सूक्त के 108 पाठों के पश्चात उनका दशांश हवन किया गया। 21 जोड़ों और ब्राह्मणों द्वारा कुल 2100 आहुतियां अर्पित की गईं। यज्ञ के दौरान श्रद्धालु “स्वाहा” के उच्चारण के साथ भक्ति में लीन नजर आए।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी
प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया के अंतर्गत मूर्ति हेतु प्राप्त पत्थर का दोष निवारण एवं शुद्धिकरण भी किया गया। इसके लिए अन्नाधिवास और जलाधिवास की विधि संपन्न की गई।
भजन संध्या में भक्ति रस की धारा
आयोजन की प्रथम रात्रि में अंतर्राष्ट्रीय भजन गायक पंडित सुधीर व्यास (इंदौर) ने संगीतमय सुंदरकांड पाठ प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में “ये चमक ये दमक फुलवनमा महक सब कुछ सरकार तूमई से है” जैसे लोकप्रिय भजन गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
पूरे आयोजन के दौरान एसडीओपी श्वेता शुक्ला और थाना प्रभारी दीपक यादव की निगरानी में पुलिस की टीम सुरक्षा में तैनात रही। पुलिस लाइन खरगोन से बुलाए गए अतिरिक्त बल ने भी पूरे परिसर की व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा।
पांच दिवसीय इस महायज्ञ ने न केवल श्रद्धालुओं में आस्था की लौ प्रज्वलित की, बल्कि पूरे क्षेत्र में धर्म, संस्कृति और भक्ति की नई चेतना का संचार किया।
