‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत प्रेस वार्ता, विधायक राजन मंडलोई बोले—नामांकन पत्र छीनकर फाड़ना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता; निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस ने देशभर में प्रेस वार्ताएं आयोजित कर निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। इसी कड़ी में बड़वानी विधायक राजन मंडलोई के कार्यालय पर भी प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें बड़वानी विधायक राजन मंडलोई और सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी सहित कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग की भूमिका, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने और उनके नामांकन पत्र छीनकर फाड़ने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
विधायक राजन मंडलोई बोले—ऐसे चुनाव में जनता की पसंद की सरकार कैसे बनेगी?
विधायक राजन मंडलोई ने निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता को लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत बताते हुए कहा कि देश में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन आयोग होना बेहद जरूरी है। आयोग से अपेक्षा की जाती है कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाए और सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का समान अवसर प्रदान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कुछ स्थानों पर सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों और असामाजिक तत्वों द्वारा उम्मीदवारों के हाथों से नामांकन पत्र छीनने तथा उन्हें फाड़ने जैसी घटनाएं हुई हैं। मंडलोई के अनुसार, यदि अधिकारियों की मौजूदगी में इस तरह की घटनाएं होती हैं और उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जाता है, तो यह चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से चुनाव में अपनी दावेदारी ही प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, तो जनता को अपनी पसंद के प्रतिनिधि चुनने का वास्तविक अवसर कैसे मिलेगा? लोकतंत्र में सरकार का गठन जनता के मतों और जनादेश के आधार पर होना चाहिए। यदि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सामने आते हैं, तो निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह उनकी निष्पक्ष जांच कराए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी किया उल्लेख
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और अन्य सामग्री का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की जांच करनी चाहिए, ताकि चुनाव व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग केवल चुनाव कराने वाली संस्था नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास का महत्वपूर्ण आधार भी है। यदि आयोग निष्पक्षता के साथ काम नहीं करता है, तो इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
सत्ता के दुरुपयोग पर जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता और प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं। उन्होंने मांग की कि नामांकन पत्र छीनने, फाड़ने और उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही, चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्येक उम्मीदवार को नियमानुसार नामांकन दाखिल करने और चुनाव में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए। नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की पहचान हैं। निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के साथ भेदभाव न हो और चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुसार संपन्न हो।
ये नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में बड़वानी विधायक राजन मंडलोई, सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी, राजपुर ब्लॉक अध्यक्ष सचिन जोशी, जिला कांग्रेस संगठन मंत्री नासिर खान, जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी अजय सिंह ठाकुर, सुनील यादव, राहुल राठौर, मनीष पुरोहित, कारण दरबार, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सचिन यादव, लालू, वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम तिगाले, राकेश सिंह जाधव, नितिन यादव, अशोक गोले, विशाल यादव सहित कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश में 34.25 लाख नाम कम होने का दावा
प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, SIR से पहले मध्यप्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में 5,74,06,143 मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित सूची में यह संख्या घटकर 5,39,81,065 रह गई। कांग्रेस का दावा है कि इस दौरान कुल 34,25,078 नाम कम हुए।
पार्टी के अनुसार, इनमें 8,49,082 मतदाता मृत, स्थायी रूप से अन्य स्थान पर चले गए या ट्रेस नहीं हो सके। कांग्रेस ने इन आंकड़ों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने और पात्र मतदाताओं को अपना नाम जुड़वाने का अवसर देने की मांग की है।
1 नवंबर को दिल्ली में महारैली
कांग्रेस ने मतदाता अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति भी घोषित की है। पार्टी के अनुसार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की जाएगी। इसके अलावा 25 और 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम तथा 1 दिसंबर को भाजपा और निर्वाचन आयोग के खिलाफ आंदोलन की योजना बताई गई है। जिला स्तर पर भी अभियान को बूथ तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में नाम छूटने से संबंधित शिकायतें जुटाकर उन्हें संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।
