नर्मदा तट से उमड़ा आस्था का सैलाब: 11 हजार श्रद्धालुओं की श्याम यात्रा, 7 हजार कलशों से गूंजा मंडलेश्वर
मंडलेश्वर।
मध्यप्रदेश की पावन नगरी मंडलेश्वर बुधवार को भक्ति और श्रद्धा के रंगों में सराबोर हो गई। माँ नर्मदा तट से श्री श्याम सांवलिया धाम, धरगांव की ओर निकली भव्य कलश एवं निशान यात्रा ने पूरे क्षेत्र को श्याममय बना दिया। इस पांच दिवसीय खाटू श्याम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ महामंडलेश्वर श्री स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी (निरंजनी अखाड़ा, जबलपुर) और पूर्व राज्यसभा सांसद मेघराज जैन के पावन सान्निध्य में हुआ।
नर्मदा तट से हुआ पूजन और नौका विहार
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री श्याम सावलिया चैरिटेबल ट्रस्ट, धरगांव द्वारा माँ नर्मदा तट पर भगवान श्याम के अभिषेक, पूजन और आरती से हुआ। इसके पश्चात भगवान को पवित्र नौका विहार कराया गया। संतों और भक्तों के सामूहिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्ति भाव से गुंजायमान हो उठा।
11 हजार श्रद्धालु और 7 हजार कलशों की शोभायात्रा

माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन करने के बाद कलश यात्रा मंडलेश्वर से प्रारंभ हुई। इस दौरान 11 हजार से अधिक श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। इनमें 7 हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सिर पर कलश धारण किए, जबकि हजारों भक्तों ने निशान लेकर भगवान खाटू श्याम के जयकारों से नगर को गूंजा दिया।
करीब चार किलोमीटर लंबी यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई धरगांव पहुँची। यात्रा में शामिल रथ, बैलगाड़ी, घोड़े, पालकियां, ढोल-ताशे और धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं का मन मोह रहीं थीं। पूरे नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
संतों का आशीर्वाद और वैदिक अनुष्ठान
धरगांव पहुँचने के बाद 21 कुंडीय लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का शुभारंभ पं. प्रीतेश महाराज ढापला के आचार्यत्व में हुआ। वैदिक परंपरा अनुसार मंत्रोच्चार, यज्ञ और आरती से कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया।
महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने अपने आशीर्वचन में कहा —
“खाटू श्याम धाम आने वाले समय में अध्यात्म, भक्ति और वैदिक संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह महोत्सव समाज को एकता और सद्भाव का संदेश दे रहा है।”
किसान मेले का शुभारंभ
29 अक्टूबर की दोपहर भव्य किसान मेले का भी उद्घाटन किया गया। यह मेला ग्रामीण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, कृषि नवाचार और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देगा।
पांच दिवसीय महोत्सव 2 नवंबर तक
यह पांच दिवसीय खाटू श्याम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा। प्रतिदिन विविध धार्मिक अनुष्ठान, कथा, भजन संध्या और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
राष्ट्रीय कवि नरेंद्र अटल ने कलश यात्रा का संचालन किया, जबकि आयोजन समिति के सचिव संजय मुकाती ने सभी भक्तों, सहयोगियों और संत समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रद्धा, एकता और संस्कृति का संगम
यह आयोजन न केवल आस्था और भक्ति का पर्व बना, बल्कि सामुदायिक एकता और भारतीय वैदिक संस्कृति की जीवंत झलक भी प्रस्तुत कर गया। नर्मदा तट से लेकर धरगांव तक “जय श्री श्याम” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
आयोजन विवरण
- आयोजन स्थल: श्री श्याम सांवलिया धाम, धरगांव (मंडलेश्वर)
- आयोजन तिथि: 29 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025
- मुख्य आकर्षण: कलश एवं निशान यात्रा, लक्ष्मीनारायण यज्ञ, किसान मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संत प्रवचन
