सुबह 8 बजे हॉस्टल से निकलीं छात्राएं, अधिकारियों के सामने दौड़कर आगे बढ़ीं; एसडीएम ने वाहन रोककर की चर्चा, दो दिन में निराकरण के आश्वासन पर लौटीं छात्राएं
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
शहर के समीप बड़गांव स्थित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सारिज बडोले के निलंबन के विरोध में मंगलवार सुबह करीब 450 छात्राएं सामूहिक पैदल मार्च पर निकल पड़ीं। सुबह 8 बजे हॉस्टल से बड़गांव होते हुए बड़वानी डीआरपी लाइन स्थित धोबड़िया तालाब की ओर रवाना हुईं छात्राएं करीब 5 किलोमीटर का सफर तय कर सुबह 9 बजे मौके पर पहुंचीं। यहां अधिकारियों ने उन्हें रोककर समझाइश देने का प्रयास किया।

सुबह 9 बजे | धोबड़िया तालाब मार्ग पर अधिकारियों ने रोका
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग रंजना सिंह, तहसीलदार राहुल सोलंकी और शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। छात्राओं ने अधीक्षिका का निलंबन निरस्त कर बहाली की मांग रखी।
सुबह 9:15 बजे | समझाइश के बावजूद आगे बढ़ीं छात्राएं

अधिकारियों की समझाइश के बाद भी छात्राएं नहीं मानीं और दौड़कर आगे बढ़ने लगीं। इसी दौरान एसडीएम भूपेंद्र रावत ने अपना वाहन रोककर छात्राओं से बातचीत शुरू की।
सुबह 9:30 से 10:30 बजे | एसडीएम से एक घंटे चर्चा
करीब एक घंटे तक छात्राओं और एसडीएम के बीच बातचीत चली। अधीक्षिका की बहाली के साथ पर्याप्त स्टाफ और छात्रावास की सुविधाओं को लेकर भी मांगें रखी गईं।

सुबह 10:30 बजे | दो दिन के आश्वासन पर मानीं छात्राएं
अधीक्षिका के निलंबन से जुड़े मामले में दो दिन के भीतर निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद छात्राएं वापस लौटने को तैयार हुईं। धूप में पैदल लौटती छात्राओं के लिए एसडीएम भूपेंद्र रावत, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग रंजना सिंह और तहसीलदार राहुल सोलंकी ने अपने वाहन भेजकर उन्हें हॉस्टल पहुंचाने की व्यवस्था की।
सुबह 11 बजे | समाप्त हुआ घटनाक्रम
मंगलवार सुबह 8 बजे शुरू हुआ पैदल मार्च करीब तीन घंटे बाद समाप्त हुआ। अब छात्राओं की निगाहें प्रशासन के दो दिन के आश्वासन पर टिकी हैं।

हॉस्टल में 476 छात्राएं, केवल 8 कर्मचारी
जानकारी के अनुसार 490 सीटर छात्रावास में वर्तमान में 476 छात्राएं निवासरत हैं। छात्राओं के अनुसार, 29 कर्मचारियों की जरूरत के मुकाबले केवल 8 कर्मचारी पदस्थ हैं।
अधीक्षिका का पक्ष | डेढ़ साल से स्टाफ बढ़ाने के लिए पत्राचार

अधीक्षिका सारिज बडोले के अनुसार, वे डेढ़ साल से स्टाफ की कमी दूर करने के लिए लिखित पत्राचार कर रही थीं। 8 और 9 तारीख को भोपाल में विभागीय बैठक के दौरान प्रभार दूसरे कर्मचारी को सौंपा था। 10 तारीख को निरीक्षण में गंदगी मिलने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।
सहायक आयुक्त का पक्ष | जांच में मिलीं कमियां, जवाब असंतोषजनक होने पर कार्रवाई

सहायक आयुक्त रंजना सिंह ने बताया कि संभागीय उपायुक्त कार्यालय की टीम ने निरीक्षण में रिकॉर्ड संधारण और साफ-सफाई में कमियां पाई थीं। अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर संभागीय उपायुक्त ने निलंबन की कार्रवाई की।

