ओवरफ्लो चैंबर, दूषित पेयजल और खुदाई के बाद बदहाल सड़कों को लेकर फूटा गुस्सा; राकेश सिंह जाधव ने एमपीयूडीसी की निगरानी पर उठाए सवाल, बोले– जनता के सामने मैदान में होगा जवाब; विशेष सम्मेलन में वेंडर मार्केट, दुकान आवंटन और वार्ड परिसीमन पर भी हुई चर्चा
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
शहर में सीवरेज परियोजना के तहत हो रहे कार्यों और उनसे जुड़ी शिकायतों का समाधान नहीं होने से नगरपालिका परिषद की बैठक में मंगलवार शाम माहौल गरमा गया।
परिषद के विशेष सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा और सहमति के बाद सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं निर्माण कार्यों की शिकायतों को लेकर बैठक आयोजित हुई। इसमें सीवरेज कंपनी और एमपीयूडीसी के अधिकारियों के सामने गुणवत्ता जांच रिपोर्ट का मुद्दा उठा तो नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने कहा कि पिछले छह बैठकों से गुणवत्ता रिपोर्ट मांगी जा रही है, लेकिन हर बार अगली बैठक में उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर बात टाल दी जाती है। अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट जाधव बैठक छोड़कर बाहर निकल आए। उनके साथ विपक्षी पार्षदों ने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया।
छह बैठकों से गुणवत्ता रिपोर्ट की मांग, फिर भी दस्तावेज नहीं

सीवरेज संबंधी बैठक में एमपीयूडीसी के अधिकारियों से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने सीधे गुणवत्ता जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले छह बैठकों से अधिकारियों से रिपोर्ट मांग रहे हैं, लेकिन अब तक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। इस बार भी अधिकारी ने अगली बार दस्तावेज देने की बात कही। जाधव ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बार अगली बैठक का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन पार्षदों को मांगी गई जानकारी नहीं मिलती।

उन्होंने एमपीयूडीसी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी की जिम्मेदारी सीवरेज कंपनी के कार्यों की निगरानी करना और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा होता नजर नहीं आ रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के काम और एमपीयूडीसी की निगरानी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल हैं। पार्षद लगातार अपने वार्डों की समस्याओं की सूची देते हैं, लेकिन उनका निराकरण नहीं होता। जाधव ने कहा कि सीवरेज कंपनी ने शहर की सड़कों और व्यवस्थाओं को प्रभावित किया है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों की ओर से ठोस जवाबदेही दिखाई नहीं दे रही।
ओवरफ्लो चैंबर, दूषित पानी और सड़क रेस्टोरेशन का मुद्दा

बैठक में शहर के अलग-अलग हिस्सों में सीवरेज चैंबर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने, दूषित पेयजल की शिकायतें और खुदाई के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन ठीक से नहीं होने के मुद्दे उठाए गए। पार्षदों का कहना था कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायतें दी गई हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया कि परिषद की ओर से पूर्व में भी संबंधित एजेंसी को इन समस्याओं से अवगत कराया गया है। आज की बैठक के बाद फिर से पत्र जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओवरफ्लो चैंबर, दूषित पेयजल और रोड रेस्टोरेशन सहित सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण अपेक्षित है। सीएमओ के अनुसार सीवरेज कार्यों से संबंधित भुगतान और गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट के दस्तावेज भी संबंधित अधिकारियों से लिखित में मांगे गए थे, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
कंपनी का दावा– 10 हजार में से 8200 कनेक्शन पूरे

सीवरेज कंपनी के अधिकारी रवि जादौन ने बताया कि शहर में सीवरेज का काम लगभग पूरा हो चुका है। कुछ वार्डों में कनेक्शन और छोटे-मोटे काम शेष हैं। उन्होंने करीब 10 हजार कनेक्शन में से लगभग 8200 कनेक्शन पूरे होने की जानकारी दी। शेष कनेक्शन और शिकायतों को लेकर काम जारी होने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवरेज कार्यों की समीक्षा के लिए तीन-चार महीने में बैठक होना सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें कनेक्शन, छोटी-मोटी शिकायतों और अन्य समस्याओं पर चर्चा की जाती है।

मार्गों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि मुख्य स्थानों पर फिलहाल खुदाई का काम नहीं किया जा रहा है। नवलपुरा रोड का काम भी त्योहार से पहले दो दिन में पूरा करने की बात कही। हालांकि, कंपनी के काम लगभग पूरा होने के दावे के बीच पार्षदों की ओर से उठाई गई शिकायतें और गुणवत्ता रिपोर्ट का लंबित मामला बैठक में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा।
वेंडर मार्केट की दुकानें ई-टेंडर से आवंटित करने पर सहमति
सीवरेज बैठक से पहले नगरपालिका परिषद सभागृह में विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें चार प्रमुख विषय रखे गए थे। पहला विषय बस स्टैंड क्षेत्र में बने वेंडर मार्केट की दुकानों के आवंटन का था। सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया कि पूर्व में सूचना जारी करने के बावजूद इच्छुक लोगों ने प्रक्रिया में भाग नहीं लिया और राशि भी जमा नहीं कराई। ऐसे में परिषद ने दुकानों का आवंटन ई-टेंडर के माध्यम से कराने पर सहमति दी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने सुझाव दिया कि वेंडर मार्केट में जो प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं, उन्हें सब्जी मंडी के पुराने और मूल छोटे व्यापारियों को लागत मूल्य पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले से कारोबार कर रहे लोगों को चिह्नित कर उन्हें प्राथमिकता दी जाए। इस मुद्दे पर उन्होंने पार्टी के रुख पर कायम रहने की बात कही।
आरक्षित दुकानों के लिए एक बार और निविदा, फिर खुली प्रक्रिया
दूसरा महत्वपूर्ण विषय बस स्टैंड क्षेत्र की आरक्षित दुकानों के आवंटन का था। सीएमओ ने बताया कि आरक्षित दुकानों के आवंटन के लिए पांच बार प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन किसी ने भागीदारी नहीं की। इसलिए आरक्षण समाप्त कर सभी दुकानों को खुली निविदा के माध्यम से आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
इस पर जाधव सहित कुछ पार्षदों ने सुझाव दिया कि आरक्षित श्रेणी के लिए एक बार और निविदा आमंत्रित की जाए। यदि इसके बाद भी कोई आवेदन नहीं आता है तो आरक्षण समाप्त कर सभी दुकानों के लिए ओपन फॉर ऑल प्रक्रिया अपनाई जाए। परिषद में इस सुझाव के अनुसार एक और प्रयास करने पर सहमति बनी।
जनगणना के आंकड़ों के बाद वार्ड परिसीमन का सुझाव
तीसरा विषय वार्ड परिसीमन और नगर सीमा विस्तार का था। सीएमओ के अनुसार पार्षदों ने सहमति जताई कि आगामी जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने के बाद ही परिसीमन और क्षेत्र विस्तार की प्रक्रिया पर आगे बढ़ा जाए। फिलहाल वर्तमान व्यवस्था यथावत रखने का निर्णय लिया गया।
नेता प्रतिपक्ष जाधव ने कहा कि बड़वानी की आबादी और जनसंख्या घनत्व बढ़ने के कारण कई वार्डों का भौगोलिक विस्तार काफी अधिक हो गया है। इससे पार्षदों को अपने क्षेत्र में काम करने में परेशानी होती है। उन्होंने नगर सीमा विस्तार की आवश्यकता बताते हुए आसपास के क्षेत्रों को भी नगरीय सीमा में जोड़ने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि परिसीमन पुराने आंकड़ों के बजाय आगामी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया जाना अधिक उचित होगा। इस सुझाव पर भी सहमति बनी।

नामांतरण की सूची पहले देने की उठी मांग
विशेष सम्मेलन का चौथा विषय नामांतरण के प्रकरणों से संबंधित था। इस पर परिषद ने सहमति दी। हालांकि जाधव ने नामांतरण की सूची बैठक के एजेंडे के साथ ही पार्षदों को उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बैठक के समय या अंतिम क्षणों में सूची मिलने से पार्षदों को प्रकरणों की जांच करने और उचित निर्णय लेने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। यदि कोई गलत प्रकरण पारित हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी पूरे परिषद की होती है। इसलिए नामांतरण की सूची पहले उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
नपा अध्यक्ष ने त्योहारों के दौरान व्यवस्थित काम करने के दिए निर्देश

नगरपालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान ने भी अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को आगामी त्योहारों के मद्देनजर कार्य व्यवस्थित तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के कारण आवागमन और वार्डों में नागरिकों को परेशानी हो रही है, उन्हें इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि त्योहारों के दौरान लोगों को असुविधा न हो। उन्होंने आगामी बैठक में पिछले एक महीने के दौरान किए गए कार्यों की रिपोर्टिंग प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
