बड़वानी में वन औषधियों के संरक्षण और शोध को मिलेगा बढ़ावा, अजगरिया में बालक-बालिकाओं के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बनेंगे; मुख्यमंत्री ने नशे से दूर रहने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का किया आह्वान
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शरद पूर्णिमा के अवसर पर ग्राम अजगरिया में आयोजित शिवपंथ के नशामुक्ति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने नशे को व्यक्ति और समाज के लिए घातक बताते हुए इससे दूर रहने का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने शिवपंथ द्वारा आध्यात्मिकता के माध्यम से नशामुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने बड़वानी में वन औषधि शोध संस्थान स्थापित करने सहित जिले के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने शिवपंथ के संस्थापक वनसिंह महाराज को नमन करते हुए कालूसिंह महाराज और सुमली माताजी के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नशे की बुराई को समाप्त करने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा। जनसहयोग और जनभागीदारी से ही नशामुक्ति को जनआंदोलन बनाया जा सकता है।
वन औषधियों के संरक्षण के लिए बनेगा शोध संस्थान
मुख्यमंत्री ने बड़वानी में वन औषधि शोध संस्थान स्थापित करने की घोषणा की। इससे वन औषधियों के संरक्षण और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने ग्राम अजगरिया में खुपजदेव धाम के निर्माण और वहां तक सड़क बनाने की भी घोषणा की। इसके अलावा अजगरिया में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग 100-100 सीटर छात्रावास बनाए जाएंगे तथा ग्राम धवली में पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
ग्राम पजरिया (ध) में 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त शेड बनाने, बारेली भाषा के संरक्षण एवं विकास के लिए दस्तावेजों के संरक्षण और शोध तथा सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए जांच, परामर्श और उपचार सुविधाएं बढ़ाने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जनजातीय परिवारों को वन अधिकार पट्टे नहीं मिले हैं, उन्हें पट्टे देने और जिन परिवारों को पट्टे मिल चुके हैं, उनकी रजिस्ट्री कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

दूध उत्पादन बढ़ाएं, नशे से दूर रहें
प्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से गोपालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार दूध उत्पादन और गौशालाओं के संचालन को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराएगी। किसान समितियों के माध्यम से दूध बेचकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से नशे की प्रवृत्ति छोड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
शरद पूर्णिमा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

शिवपंथ के आयोजन में आसपास के पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे पहुंचे। धार्मिक भजनों के बीच भगवान शिव का स्मरण किया गया। श्रद्धालुओं को दूध प्रसादी और चावल की खिचड़ी वितरित की गई। शिवपंथी सत्संग संगठन लंबे समय से आध्यात्मिकता और गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति का संदेश दे रहा है।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, विधायक श्याम बर्डे, शिवपंथ के कालूसिंह महाराज और सुमली माताजी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
