जिला स्तरीय उत्कृष्ट कन्या छात्रावास का मामला; प्राचार्य की समझाइश पर मानी छात्राएं, अधिकारियों के आश्वासन के बाद लौटीं
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
कारंजा चौपाटी के पास कन्या शाला परिसर में संचालित जिला स्तरीय उत्कृष्ट कन्या छात्रावास की करीब 30 छात्राएं मंगलवार सुबह अधीक्षिका के पदभार में बदलाव से नाराज होकर कलेक्टर कार्यालय की ओर निकल पड़ीं। छात्राएं रैली के रूप में कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्या रखना चाहती थीं। सूचना मिलते ही उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य अनिल मिश्रा मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा कर उन्हें समझाया। प्राचार्य की समझाइश पर छात्राएं मान गईं और अधिकारियों के आश्वासन के बाद वापस छात्रावास लौट गईं।
कक्षा 12वीं की छात्रा नीतल राठौर ने बताया कि पूर्व अधीक्षिका सरिता की जगह वंदना पटेल को नई अधीक्षिका बनाया गया है। छात्राओं का कहना है कि वे पूर्व व्यवस्था से संतुष्ट थीं और अधीक्षिका का पदभार बदलने से नाराज हैं। इसी मांग को लेकर छात्राएं कलेक्टर से मिलना चाहती थीं। छात्राओं ने नई अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पूर्व में एक अन्य छात्रावास से शिकायतों के बाद हटाया गया था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्राचार्य ने समझाया, एक-दो दिन में समाधान का भरोसा
कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रही छात्राओं से प्राचार्य अनिल मिश्रा ने बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने सहायक आयुक्त से फोन पर चर्चा कर मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने एक-दो दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। प्राचार्य ने भी छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को गंभीरता से लिया जा रहा है और समय पर समाधान नहीं होने पर वे स्वयं उनके साथ खड़े रहेंगे।

58 छात्राओं के लिए चार कमरे और एक हॉल
छात्राओं ने छात्रावास में जगह की कमी की समस्या भी बताई। उनके अनुसार करीब 58 छात्राएं नामांकित हैं, जबकि भवन में केवल चार कमरे और एक हॉल उपलब्ध है। जगह की कमी के कारण कई छात्राओं को एक बेड पर दो-दो छात्राओं को सोना पड़ रहा है। इससे पढ़ाई और रहने में परेशानी होने की बात छात्राओं ने कही।
