
✍️ ध्रुव वाणी
✍️बड़वानी से इम्तियाज़ खान की रिपोर्ट
शहर के राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी में रविवार सुबह से सफेद सोना यानी कपास की बंपर आवक हो रही है। बड़ी संख्या में किसान कपास बचने के लिए पहुंचे। हालांकि इस दौरान कपास के कम भाव दिए जाने को लेकर किसानों ने खासा आक्रोश व्यक्त किया। वहीं नीलामी के दौरान चंद व्यापारी मौजूद होने से किसानों का रोष और बढ़ गया।
इस दौरान किसानों ने मंडी सचिव के समक्ष खासा रोष व्यक्त किया। किसानों ने मौके से कलेक्टर-एसडीएम को भी फोन लगाकर अवगत कराया।
इसके बाद मौके पर मंडी के भारसाधक अधिकारी व एसडीएम भूपेंद्र रावत पहुंचे। उन्होंने मंडी सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए की किसानों के उपज के अनुसार भाव दिए जाएं। वहीं व्यापारियों को भी चेताया कि कपास का क्वालिटी के अनुसार भाव तय किया जाए। इसमें कोताही और लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

किसानों का कहना है कि कृषि मंडी में नीलामी के दौरान कम व्यापारी पहुंचते हैं और मनमाना भाव तय कर रहे हैं। इस दौरान खासी बहसबाजी वह गहमगहमी का माहौल बना। किसानों ने मौके से कलेक्टर एसडीएम को मोबाइल लगाकर अवगत कराया। हालांकि इस दौरान मंडी सचिव की समझाइश पर नीलामी फिर शुरू हुई। वही हंगामा होता देख अन्य व्यापारी भी नीलामी में शामिल होने पहुंचे। एसडीएम के पहुंचने के बाद मंडी में नीलामी प्रक्रिया सुचारु रुप जारी रही।
सप्ताह में 5 दिन होगी कपास की खरीदी
दरअसल कृषि उपज मंडी में प्रति सप्ताह रविवार को हीं कपास की नीलामी हो रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसानों के एकसाथ आने से नीलामी प्रक्रिया में देरी होती है। इस दौरान सबसे पहले पोटलो में आए कपास की नीलामी होती है, उसके बाद ट्रैक्टर और अन्य वाहनों में रखे कपास को नीलाम किया जाता है। ऐसे में नीलामी में काफी समय लगता है। इसके मद्देनजर एसडीएम भूपेंद्र रावत ने मंडी सचिव को निर्देशित किया कि प्रति रविवार की जगह सप्ताह में 5 दिन कपास की नीलामी की जाए। जिससे किसानों व्यापारियों को नीलामी सहूलियत रहे।
📹 देंखे वीडियो…. एसडीएम ने क्या कहा…….
