महिला अभ्यर्थियों के लिए 15 और पुरुषों के लिए 25 किलोमीटर की दूरी निर्धारित; शुक्रवार को 89 में से 79 अभ्यर्थियों ने कराया था दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक माप
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
सुबह का सर्द मौसम, वनरक्षक बनने का सपना और मंजिल तक पहुंचने का जुनून… इसी संकल्प के साथ शनिवार को युवा शारीरिक दक्षता परीक्षण में शामिल हुए। वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत बड़वानी में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की निर्धारित दूरी की पैदल चाल आयोजित की गई। किसी के सामने 15 किलोमीटर की चुनौती थी तो किसी को 25 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया।
ठंड के बीच कदम बढ़ाते रहे अभ्यर्थी, लक्ष्य पर रहीं नजरें

वनरक्षक भर्ती में चयन की राह आसान नहीं है। लिखित परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं के बाद शारीरिक दक्षता का यह चरण भी अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। निर्धारित दूरी पूरी करने के लिए युवाओं को अपनी गति, शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति के बीच संतुलन बनाना होता है। शनिवार को आयोजित पैदल चाल में अभ्यर्थियों के सामने भी यही चुनौती रही।
📏 महिलाओं को 15 तो पुरुषों को तय करनी थी 25 किमी की दूरी

शारीरिक दक्षता परीक्षण के तहत महिला अभ्यर्थियों के लिए 15 किलोमीटर और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 25 किलोमीटर की पैदल चाल निर्धारित की गई थी। वनरक्षक बनने की उम्मीद लगाए अभ्यर्थियों के लिए यह चरण अपनी तैयारी और शारीरिक क्षमता साबित करने का अवसर रहा।
📋 शुक्रवार को हुई थी दस्तावेजों की जांच

इसके एक दिन पहले शुक्रवार को बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित वन विभाग परिसर में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक माप और जांच की प्रक्रिया आयोजित की गई थी। सुबह 9 बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया शाम 6 बजे तक चली। कुल 89 अभ्यर्थियों में से 79 उपस्थित हुए थे, जबकि 10 अनुपस्थित रहे।

भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़वानी वनमंडल के डीएफओ आशीष बनसोडे, सेंधवा वनमंडल की डीएफओ इंदु सिंह गडरिया, एसडीओ विजय सिंह मोरे, रेंजर राहदेव ठकराल और सचिन लववंशी सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। मेडिकल टीम, रोजगार विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने भी प्रक्रिया में सहयोग किया।
🎯 अब अगले चरण पर टिकी निगाहें
शारीरिक दक्षता परीक्षण के बाद अभ्यर्थियों की नजर भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण पर है। आगे की चयन प्रक्रिया भोपाल स्तर पर संपन्न होगी। अब अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मेहनत और तैयारी उन्हें वनरक्षक बनने के लक्ष्य के करीब पहुंचाएगी।
