बड़वानी जिले से करीब 100 अतिथि शिक्षक होंगे शामिल; पांच संगठनों को भंग कर ‘एक संगठन, एक मांग और एक बैनर’ के तहत आगे बढ़ने का प्रस्ताव
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी

अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए बड़वानी जिले के अतिथि शिक्षकों ने एकजुटता की दिशा में पहल की है। बुधवार को सेंधवा में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाने और लोकतांत्रिक तरीके से नेतृत्व चुनने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए 25 अक्टूबर 2026 को भोपाल में मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया में बड़वानी जिले से करीब 100 अतिथि शिक्षकों के शामिल होने की बात कही गई है।
पांच संगठन, लेकिन मांगें पूरी कराने के लिए एक मंच की जरूरत
बैठक में शामिल अतिथि शिक्षकों ने कहा कि वर्तमान में उनके हितों के लिए पांच संगठन प्रयासरत हैं, लेकिन इसके बावजूद भविष्य की सुरक्षा और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि अलग-अलग संगठनों में बंटे रहने के बजाय साझा नेतृत्व और एकजुट आवाज के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। बैठक में सभी संगठनों को भंग कर एक संगठन, एक मांग और एक बैनर के तहत काम करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत भोपाल में लोकतांत्रिक मतदान के माध्यम से नेतृत्व चुनने की पहल की जाएगी, ताकि अतिथि शिक्षक अपनी पसंद और सहमति से प्रतिनिधि का चयन कर सकें।

बड़वानी से 100 शिक्षक भोपाल पहुंचेंगे
बैठक में निर्णय लिया गया कि मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए जिले से लगभग 100 अतिथि शिक्षक भोपाल जाएंगे। साथ ही विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से भी मतदान में भाग लेकर एकता की पहल को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
मतभेद छोड़कर भविष्य की लड़ाई लड़ने पर जोर
बैठक में उपस्थित अतिथि शिक्षकों ने कहा कि अब आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर अपने सुरक्षित भविष्य, सम्मान और अधिकारों के लिए एकजुट होने का समय है। उनका उद्देश्य एक ऐसा साझा मंच तैयार करना है, जिसके माध्यम से अतिथि शिक्षकों की मांगों को अधिक मजबूती से उठाया जा सके। बैठक में शम्भु वलोके, अनिल सोलंकी, विजय धनगर, नानसिंह सोलंकी, सेवकराम सोलंकी, तुकाराम सेनानी, आशाराम अछाले, राम बहादुर यादव और चम्पालाल निकुम सहित अन्य अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।
