छोटी पूंजी, बड़ा हौसला! ₹10 हजार से शुरू किया कारोबार, अब ₹50 हजार के ऋण और क्रेडिट कार्ड तक पहुंचा सफर

पीएम स्वनिधि योजना ने बड़वानी के इक़बाल हुसैन को बनाया आत्मनिर्भर, इत्र और अगरबत्ती के व्यवसाय को मिला आर्थिक संबल


दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी


मेहनत करने का जज्बा हो और सही समय पर आर्थिक मदद मिल जाए, तो छोटी-सी शुरुआत भी सफलता की बड़ी कहानी बन सकती है। बड़वानी के इक़बाल हुसैन ने इसे सच कर दिखाया है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के माध्यम से उन्होंने अपने इत्र और अगरबत्ती के कारोबार को आगे बढ़ाया। ₹10 हजार के शुरुआती ऋण से शुरू हुआ उनका सफर अब ₹50 हजार के ऋण और बैंक से मिले क्रेडिट कार्ड की सुविधा तक पहुंच गया है।

समय पर ऋण चुकाया, हर चरण में बढ़ता गया भरोसा

इक़बाल हुसैन ने नगर पालिका परिषद बड़वानी के सहयोग से पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहली बार ₹10 हजार का ऋण प्राप्त किया। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया और समय पर ऋण का भुगतान किया। इसके बाद उन्हें दूसरे चरण में ₹20 हजार का ऋण मिला। इस राशि को भी समय पर चुकाने के बाद तीसरे चरण में ₹50 हजार का ऋण स्वीकृत हुआ। उनकी नियमित ऋण अदायगी और वित्तीय अनुशासन को देखते हुए बैंक ने उन्हें क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान की। इससे कारोबार की जरूरतों को पूरा करने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय संसाधनों तक उनकी पहुंच आसान हुई है।

छोटे कारोबारियों के लिए उम्मीद की मिसाल

पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य शहरी पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण की सुविधा मिलती है। निर्धारित शर्तों के अनुसार समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को ब्याज संबंधी सहायता और डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक का लाभ भी मिल सकता है। इक़बाल हुसैन आज इस योजना से मिले आर्थिक संबल के सहारे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं और परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इक़बाल हुसैन की यह कहानी बताती है कि छोटी पूंजी से भी बड़े सपनों की शुरुआत की जा सकती है। जरूरत है मेहनत, लगन और उपलब्ध अवसरों का सही उपयोग करने की।