नशे से परिवार के परिवार तबाह हो जाते हैं, शिवपंथ का नशामुक्ति अभियान सराहनीय: मुख्यमंत्री

अजगरिया में शरद पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रम में बोले डॉ. मोहन यादव, ड्रग्स के खिलाफ जनजागरण को बताया जरूरी; नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक संकल्प का किया आह्वान

दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी 

“नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है। समाज को इस बुराई से बचाने के लिए सरकार के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है। शिवपंथ द्वारा नशामुक्ति के लिए किया जा रहा कार्य सराहनीय है।”-  यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शरद पूर्णिमा की रात ग्राम अजगरिया में आयोजित शिवपंथ के नशामुक्ति कार्यक्रम में कही।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की लत से परिवारों की खुशियां और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। विशेष रूप से ड्रग्स का दुष्प्रभाव गंभीर है। इससे युवाओं का जीवन बर्बाद होने के साथ परिवार भी आर्थिक और सामाजिक संकट में घिर जाते हैं। इसलिए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को जनआंदोलन का रूप देना होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ड्रग्स के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और समाज में जागरूकता समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

 

डॉ. यादव ने शिवपंथ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिकता, सत्संग और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और समाज मिलकर संकल्प लें तो नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।