🔴 बड़वानी कॉलेज में उद्यमिता विकास कार्यशाला, विद्यार्थियों को व्यवसाय शुरू करने से लेकर बाजार की पहचान और वित्तीय प्रबंधन तक की दी जानकारी
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी है कि वे नौकरी पाने की कोशिश के साथ रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी विचार करें। अपने कौशल, नए विचारों और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग कर युवा न केवल अपना व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं। यह बात राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. धीरज कुमार वर्मा ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी में आयोजित उद्यमिता विकास कार्यशाला में कही।
💡 विचारों को व्यवसाय में बदलने पर जोर
प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वरोजगार, व्यवसाय स्थापना और उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराना था। डॉ. वर्मा ने कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए पहल करने, निर्णय लेने, जोखिम का आकलन करने, नवाचार अपनाने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता जरूरी है।
📊 बाजार की जरूरत पहचानना जरूरी
करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की टीम के डॉ. मधुसूदन चौबे और भोलू बामनिया ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया समझाई। विद्यार्थियों को बाजार सर्वेक्षण, ग्राहकों की पसंद, प्रतिस्पर्धा, व्यावसायिक योजना, लागत निर्धारण, वित्तीय संसाधनों और प्रचार-प्रसार की जानकारी दी गई। साथ ही, SWOT विश्लेषण के माध्यम से अपनी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और चुनौतियों को पहचानने का महत्व बताया गया।
🚀 छोटे स्तर से भी शुरू कर सकते हैं व्यवसाय
डॉ. नारायण पाटीदार ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि, कौशल और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार पढ़ाई के साथ छोटे व्यवसाय या सेवा कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए ग्राहकों की जरूरत समझना और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना जरूरी है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अभिलाषा साठे ने विद्यार्थियों से उद्यमिता को केवल परीक्षा तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
🏢 सरकारी योजनाओं और संस्थानों की जानकारी
कार्यशाला में जिला उद्योग केंद्र, बैंकों, प्रशिक्षण संस्थानों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली सहायता की जानकारी प्राप्त करने की उपयोगिता भी बताई गई। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने नवाचार, परिश्रम, अनुशासन और व्यावहारिक ज्ञान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजन में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. आशा साखी गुप्ता का विशेष मार्गदर्शन रहा। हंसा धनगर, जोया खान, नमन मालवीय, सुखदेव डावर, आरती धनगर और सलीना खान ने सहयोग प्रदान किया।
