938 दिन तक ड्यूटी से दूरी, कलेक्टर का बड़ा एक्शन; सहायक ग्रेड-3 को सेवा से किया पदच्युत

महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ कर्मचारी पर कार्रवाई; नोटिस और सुनवाई के अवसर के बावजूद कर्तव्य पर नहीं लौटे


दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी


सरकारी सेवा में अनधिकृत अनुपस्थिति के मामले में कलेक्टर जयति सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 विवेक अमोस को सेवा से पदच्युत कर दिया है। कर्मचारी दो अलग-अलग अवधियों में कुल 938 दिन तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। प्रशासन के अनुसार, कारण बताओ नोटिस और सुनवाई के पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वे न तो अपना पक्ष रखने पहुंचे और न ही कर्तव्य पर लौटे।

दो बार लंबी गैरहाजिरी, कुल 938 दिन अनुपस्थित

कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवेक अमोस को 16 जुलाई 2020 को महिला एवं बाल विकास विभाग में दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति के बाद वे पहली बार 9 दिसंबर 2020 से 10 अक्टूबर 2021 तक 306 दिन अनुपस्थित रहे। इसके बाद 19 जून 2023 से 11 मार्च 2025 तक 632 दिन तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इस तरह दोनों अवधियों को मिलाकर उनकी कुल अनधिकृत अनुपस्थिति 938 दिन दर्ज की गई।

नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब

प्रशासन के मुताबिक, कर्मचारी को समय-समय पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए और अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए। इसके बावजूद वे सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही ड्यूटी पर लौटे।

सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई

लगातार अनुपस्थिति और विभागीय प्रक्रिया के बाद कलेक्टर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 (9) के तहत उन्हें सेवा से पदच्युत करने का आदेश जारी किया।इस कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और सेवा संबंधी दायित्वों के पालन को लेकर प्रशासन का सख्त रुख सामने आया है।