महिला कर्मचारी की शिकायत पर छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोप; एसपी पद्मविलोचन शुक्ल बोले—दोनों पक्षों के बयान लेकर होगी आगे की कार्रवाई
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खत्रा के खिलाफ महिला कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर को लेकर अब बड़वानी पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। मामले में एफआईआर पहले इंदौर में दर्ज हुई थी, जिसे बाद में बड़वानी स्थानांतरित किया गया। महिला ने सिविल सर्जन पर छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और पद के दुरुपयोग सहित गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अब शिकायत से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल करेगी।

इंदौर से बड़वानी पहुंचा मामला
मामले की खास बात यह है कि शिकायत पर एफआईआर इंदौर में दर्ज की गई थी। इसके बाद प्रकरण बड़वानी स्थानांतरित किया गया। अब स्थानीय पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि मामले में एफआईआर इंदौर में दर्ज हुई थी, जिसे बड़वानी ट्रांसफर किया गया है। वर्तमान में प्रकरण की विवेचना की जा रही है। दोनों पक्षों के कथन लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत में कई गंभीर आरोप
महिला कर्मचारी ने अपनी शिकायत में छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों के साथ छुट्टी मंजूर नहीं करने, 75 दिन का वेतन रोकने तथा हाजिरी रजिस्टर में गड़बड़ी किए जाने की बात भी कही है। महिला का दावा है कि ड्यूटी पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्ज किया गया और हस्ताक्षर करने से रोका गया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से पहले भी शिकायत करने की बात कही है।
सिविल सर्जन ने आरोपों को नकारा
डॉ. मनोज खत्रा ने महिला के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि महिला समय पर कार्यालय नहीं आतीं और बिना सूचना अनुपस्थित रहती हैं। उनके अनुसार, अनुपस्थिति से संबंधित मामला भोपाल भेजा गया है।
