स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन व पंजीयन कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई
दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी
राजस्व कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन कार्य में गंभीर उदासीनता के आरोपों को लेकर जिले में कुल 114 पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इनमें 6 पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, 6 को निलंबित किया गया है, जबकि 102 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
9 अक्टूबर को सामने आई इस कार्रवाई ने राजस्व विभाग के मैदानी अमले में जवाबदेही और कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा।
छह पटवारियों की सेवाएं समाप्त, छह निलंबित
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत प्रतिमा जमरे, अजय मुजालदे, राहुल सोलंकी, शुभम गोरे, महेश सोनी और विशाल गंगवाल की सेवाएं समाप्त की गई हैं।
वहीं मांगी लाल नरगावे, ललित बोरसे, अजीत अलावे, महेंद्र यादव, करण कनेश और धरम सोलंकी को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा 102 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) द्वारा की गई इस कार्रवाई के पीछे स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन कार्य में लापरवाही को प्रमुख वजह बताया गया है।
स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही पर सख्ती
स्वामित्व अधिकार अभिलेखों का निष्पादन और पंजीयन ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अधिकारों के निर्धारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इन कार्यों में देरी या लापरवाही का सीधा असर आम नागरिकों को मिलने वाली राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने संबंधित पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़े राजस्व कार्यों में निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए।
