7.5 घंटे तक चली मैराथन चर्चा, फिर भी जारी रहेगा सत्याग्रह; गुरुवार सुबह 10 बजे से फिर जुटेंगे विस्थापित

सरदार सरोवर प्रभावितों ने एनवीडीए कार्यालय का घेराव कर उठाए पुनर्वास के लंबित मुद्दे, राहुल यादव बोले—शाम 6.30 बजे तक चला सत्याग्रह


दैनिक ध्रुव वाणी बड़वानी


सरदार सरोवर बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े लंबित मामलों को लेकर बड़वानी में नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैनर तले सत्याग्रह किया गया। विस्थापितों ने एनवीडीए कार्यालय के सामने बैठकर अपनी मांगें रखीं। आंदोलनकारियों और अधिकारियों के बीच सुबह 11 बजे से शाम 6.30 बजे तक चर्चा चली। इसके बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। नर्मदा बचाओ आंदोलन के राहुल यादव ने बताया कि गुरुवार सुबह 10 बजे से फिर सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।

अधिकारियों के साथ साढ़े सात घंटे तक चर्चा

भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्यालय के सामने हुए सत्याग्रह के दौरान भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी भूपेंद्र रावत, तहसीलदार राहुल चौहान और एनवीडीए के अधिकारी जोमरिया के साथ चर्चा हुई। आंदोलनकारियों की ओर से मेधा पाटकर और राहुल यादव ने प्रभावित परिवारों की समस्याएं रखीं।

25 से अधिक मुद्दों पर मांगा लिखित जवाब

आंदोलनकारियों ने पुनर्वास के लंबित प्रकरणों, भूखंड आवंटन, अनुदान, महिला खातेदारों के अधिकार और पुनर्वास स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं सहित 25 से अधिक मुद्दों पर लिखित जवाब मांगा। वर्ष 2019 से टिनशेड में रह रहे परिवारों, पिछोड़ी के शेष विस्थापितों, राजघाट के दुकानदारों और 60 लाख रुपये के प्रस्तावित अनुदान से जुड़े मामलों पर भी निर्णय की मांग की गई।

गुरुवार से फिर शुरू होगा आंदोलन

राहुल यादव के अनुसार, बुधवार शाम 6.30 बजे तक एनवीडीए कार्यालय के सामने सत्याग्रह किया गया। अब गुरुवार सुबह 10 बजे से आंदोलन दोबारा शुरू होगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबित मामलों पर लिखित जवाब, स्पष्ट समयसीमा और ठोस कार्रवाई मिलने तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। बड़वानी के साथ अलीराजपुर, धार और खरगोन के प्रभावितों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन में भाग लिया। सत्याग्रहियों ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से लंबित मामलों का निराकरण करने की मांग की।

इनका कहना है 


“एनवीडीए कार्यालय में मेधा पाटकर सहित नर्मदा बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधियों और प्रभावितों से चर्चा की गई। इसमें मकान निर्माण के लिए 5 लाख 80 हजार रुपये की सहायता, 60 लाख रुपये के मुआवजे, पट्टा परिवर्तन प्रक्रिया और ग्राम पिछोड़ी के कुछ प्रभावितों को दूर जमीन आवंटित किए जाने जैसे मुद्दे सामने आए हैं। इन मामलों में संबंधित विभागों से 15 दिन में जानकारी जुटाकर निराकरण का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, सभी मुद्दों से कलेक्टर को भी अवगत कराया जाएगा।” एसडीएम व एनवीडीए अधिकारी भूपेंद्र रावत बड़वानी