✍️ ध्रुव वाणी न्यूज बड़वानी
बड़वानी विधानसभा सहित प्रदेश भर में क्षेत्र में शिक्षा, शिक्षक और स्कूलों के मामले को लेकर विधायक राजन मंडलोई ने विधानसभा सत्र में आवाज उठाई है। इस दौरान विधायक ने विभिन्न प्रकार की समस्या और कमियों को सदन में रखकर सुधार की गुहार लगाई है। विधायक ने कहा कि मेरे क्षेत्र बड़वानी में 13 स्कूल झोपड़ियों एवं तबेलों में संचालित हो रहे हैं।
✔️ विधायक ने ये मुद्दे उठाए
अतिथि शिक्षकों का मानदेय समय पर न मिलना
हजारों अतिथि शिक्षक जो वर्षों से स्कूलों की रीढ़ बने हुए हैं, उन्हें जुलाई-अगस्त जैसे महीनों का मानदेय भी कई माह बाद मिलता है या लंबित रह जाता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो जाती है तथा शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
मात्र 15 हजार शिक्षकों की भर्ती
बजट भाषण में मात्र 15 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन बताई गई, जबकि प्रदेश में 1 लाख 15 हजार से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं। यह भारी कमी को दूर करने के लिए अपर्याप्त है।
स्कूलों की जीर्ण-शीर्ण अवस्था
57,535 विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं। हजारों स्कूलों में सामान्य शौचालय नहीं हैं, लड़कियों के लिए अलग शौचालय का अभाव है, बिजली-पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं अनुपस्थित हैं। मेरे क्षेत्र बड़वानी में 13 स्कूल झोपड़ियों एवं तबेलों में संचालित हो रहे हैं।
उच्च ड्रॉपआउट दर, 21 हजार बच्चों ने छोड़ी स्कूल
विधायक ने कहा कि विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत गंभीर है। बड़वानी जिले में 21 हजार से अधिक छात्र स्कूल छोड़ चुके हैं। कक्षा 12 तक पहुंचते-पहुंचते मात्र 20 प्रतिशत छात्र बच पाते हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में आश्रम शालाओं एवं छात्रावासों की आवश्यकता
पहाड़ी एवं दूरस्थ आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्कूलों की कमी, आवागमन की समस्या एवं पारिवारिक स्थिति के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है। अधिक से अधिक आश्रम शालाएँ एवं छात्रावास स्थापित करना अनिवार्य है ताकि बच्चे सुरक्षित रहकर पढ़ सकें।

विधायक ने सरकार से की ये मांग
🔸अतिथि शिक्षकों का मानदेय नियमित एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
🔸बड़े पैमाने पर नियमित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
🔸जीर्ण स्कूलों का त्वरित जीर्णोद्धार एवं बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था हो।
🔸आदिवासी एवं वंचित क्षेत्रों में आश्रम शालाओं/छात्रावासों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की जाए।
- ✍️ विधायक राजन मंडलोई ने कहा कि शिक्षा हमारे प्रदेश के भविष्य का आधार है। जब तक ये मूलभूत समस्याएं बनी रहेंगी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य अधूरा रहेगा
