ध्रुव वाणी न्यूज बड़वानी
शहर के श्री साईं शनेश्वर मंदिर परिसर में 6 मार्च 2026, शुक्रवार को रात्रि 8 बजे श्रीराम नवमी महोत्सव के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक मे जिसमें सामाजिक संगठनों, धर्मप्रेमी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता अपेक्षित है।
राम नवमी का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
श्रीराम नवमी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। भगवान श्रीराम सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन समाज को मर्यादा, पारिवारिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और न्यायप्रियता का संदेश देता है।
राम नवमी केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जो समाज में सद्भाव, एकता और आध्यात्मिक चेतना को प्रबल करता है।
शोभायात्रा और झांकियों का आयोजन
महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकियों के साथ भगवान पशुपतिनाथ महादेव की झांकी भी सजाई जाएगी। इसके साथ ही साईं बाबा की पालकी यात्रा श्रद्धा और भक्ति के साथ नगर में निकाली जाएगी।
शोभायात्रा में भजन मंडलियों द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति, ढोल-ताशों की गूंज, पुष्प वर्षा एवं विभिन्न धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह यात्रा समाज में धार्मिक वातावरण का संचार करेगी।
विशाल भंडारा एवं सामाजिक सहभागिता
इस महोत्सव के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। यह आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और समरसता की भावना को सुदृढ़ करता है।
बैठक में महोत्सव की रूपरेखा, शोभायात्रा मार्ग, सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा जिम्मेदारियों के विभाजन पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
संस्थान के द्वारा सभी भक्तजनों से बैठक में उपस्थित होकर अपने सुझाव एवं सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। बैठक उपरांत सहभोज की व्यवस्था भी रहेगी।
