महिला के गले में अटका नायलोन मांझा, बड़वानी में 3 दिन में दूसरी घटना, कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंध का आदेश

🔴 प्रतिबंध के बावजूद नहीं लग पा रही रोक

 🔵सडक़ों के किनारे पतंगबाजी पर रोक लगाने की मांग

✍️ ध्रुव वाणी बड़वानी 

जनजीवन और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा नायलॉन का धागे का उपयोग नहीं थम रहा है। शुक्रवार दोपहर शहर के दशहरा मैदान के समीप स्कूटी सवार महिला के गले में नायलॉन मांझा अटक गया। इससे महिला के गले में रगड़ लग गई। वहीं महिला और स्कूटी पर पीछे बैठा बालक बुरी तरह गिर गए। इससे दोनों को चोटें आई। गनीमत रही कि स्कूटी की स्पीड कम थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

 

स्कूटी सवार महिला सरिता के अनुसार वे बंधान में रहती हैं। स्कूटी से बालक के साथ बड़वानी की ओर आ रही थी। तभी सडक़ किनारे बच्चे पतंग उड़ा रहे थे। अचानक उनके गले में नायलॉन का मांझा लपट गया। इससे उनके गले में रगड़ लगी और संतुलन बिगडऩे से स्कूटी से जा गिरा। इसमें उनके साथ बैठे बच्चे को भी चोट आई।

सरिता ने कहा कि पतंगबाजी से कोई दिक्कत नहीं हैं, लेकिन सबसे पहले नायलॉन व चाइनीज मांझे पर पूरी तरह रोक लगना चाहिए। पतंगबाजी में सूत के धागे का ही उपयोग होना चाहिए। पतंगबाजी सडक़ों के किनारे नहीं होना चाहिए। इससे बाइक सवार राहगीरों के साथ जानलेवा घटनाएं होने की अधिक आशंका रहती है।

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बता दें कि 2 दिसंबर को ही दिन में न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में बाइक सवार दंपत्ति के साथ इस तरह की घटना हो चुकी है। 7 वर्षीय बालिका का गला नायलोन के मांझे से कटने से बचा। इसके बाद 4 दिसंबर को जिलेभर में पुलिस प्रशासन ने दुकानों पर नायलोन मांझे की जांच की। हालांकि इसका चोरी छिपे विक्रय हो रहा हैं और आसमान में पतंगबाजी में इसका उपयोग हो रहा है।

कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंध का आदेश 

जिला दण्डाधिकारी जयति सिंह ने आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए, जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में चायनीज मांझा के निर्माण और विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जनसामान्य के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। प्रतिबंध लगाने का मुख्य कारण चायनीज मांझे से होने वाली अप्रिय दुर्घटनाओं को रोकना है, विशेषकर पतंगबाजी के दौरान। यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी दिनांक 03 दिसम्बर 2025 से आगामी दो (02) माह तक प्रभावशील रहेगा।

जिला दण्डाधिकारी ने इस आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने एवं उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्यवाही करने के स्पष्ट निर्देश दिए।