मध्यप्रदेश: पूर्व कृषि मंत्री के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज का बड़ा एक्शन

 

भोपाल. पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव (Former Agriculture Minister Sachin Yadav) के बार-बार खाद के अवैध भण्डारण और कालाबाजारी को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बाद प्रदेश की शिवराज सरकार (shivraj sarkar) ने बड़ी कार्रवाई की है।

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सरकार ने प्रदेश में उर्वरक का अवैध भण्डारण (Illegal storage of fertilizer) करने वालों के खिलाफ पुलिस में 14 एफ.आई.आर.(FIR) की है, वहीं और 9 प्रकरणों में लायसेंस निरस्त (License revoked) किये गये है।

इतना ही नही 23 प्रकरणों में लायसेंस निलंबित कर 2 प्रकरणों में उर्वरक भण्डारण सीज किया गया।
दरअसल, बीते दिनों कृषि मंत्री सचिन यादव (Sachin Yadav) ने यूरिया खाद (Urea manure) की कालाबाजारी के आरोप लगाए थे।

सचिन यादव ने कहा था कि आज पूरे मप्र में यूरिया की मारामारी है,भाजपा नेताओं (bjp leaders) के साथ सांठगांठ करके यूरिया की कालाबाज़ारी हो रही है, मगर सरकार को किसानों की बिल्कुल भी चिंता नही है वो तो विधायक खरीदने में व्यस्त है।

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सत्ता से हटने के बाद से ही यादव लगातार खाद-यूरिया की कालाबाजारी को लेकर आरोप लगाते आ रहे थे। उपचुनाव मे यह मुद्दा ना बन जाए, इसके पहले ही प्रदेश की शिवराज सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए और कार्रवाई करने को कहा।

सभी जिलों में खाद-यूरिया वितरण व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिये जिला कलेक्टर्स एवं विभागीय अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश भी दिये गये है। उक्त कार्यवाही के चलते प्रदेश में उर्वरक का अवैध भण्डारण करने वालों के खिलाफ पुलिस में 14 एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई,

वहीं दूसरी ओर 9 प्रकरणों में लायसेंस निरस्त किये गये, 23 प्रकरणों में लायसेंस निलंबित कर 2 प्रकरणों में उर्वरक भण्डारण सीज किया गया।

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सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी मिल रही थी शिकायतें

वही सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर खाद-बीज न मिलने से संबंधित 488 शिकायतें प्राप्त हुई थी, जिसमें उर्वरक से संबंधित 89 शिकायते थी, इनमें से 45 शिकायते सहकारी समितियों से संबंधित है। विभाग द्वारा 61 शिकायतों का समाधान कारक निराकरण किया जा चुका है। शेष शिकायतों के निराकरण की कार्यवाही सतत जारी है।

इन जिलों में हुई कार्रवाई

छिन्दवाड़ा जिले में 154 विक्रय केन्द्रों पर किये गये निरीक्षण के दौरान अवैध भण्डारण करने पर तीन एफ.आई.आर. दर्ज की गई। बिना बिल के उर्वरक विक्रय करने पर एक लायसेंस निरस्त कर 3 प्रकरणों में निलंबन की कार्यवाही की गई।

सिवनी जिले में 105 विक्रय केन्द्रों पर किये गये निरीक्षण में यूरिया अवैध भण्डारण के 2 प्रकरणों में एफआईआर व 2 प्रकरणों में उर्वरक भण्डारण सीज कर एफ.आई.आर. की कार्यवाही और 1 प्रकरण में निलंबन की कार्यवाही की गई।

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बड़वानी जिले में 26 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में यूरिया का अवैध भण्डारण करने पर एक प्रकरण में एफ.आई.आर. और 3 प्रकरणों में लायसेंस निलंबन की कार्यवाही की गई।

छतरपुर जिले में 22 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में उर्वरक का अवैध भण्डारण करने के एक प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज की गई। नरसिंहपुर जिले के 122 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में यूरिया के अवैध परिवहन एवं भण्डारण पर एक एफ.आई.आर. और 2 प्रकरणों में निलंबन की कार्यवाही की गई है।

बैतूल जिले के 82 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में यूरिया के अवैध भण्डारण के 1 प्रकरण में लायसेंस निलंबित किया गया।होशंगाबाद जिले में 43 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में अवैध परिवहन के 3 प्रकरणों में एफ.आई.आर., 9 प्रकरणों में लायसेंस निलंबन और 3 लायसेंस निरस्त किये गये।

खरगौन जिले के 116 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में रिकार्ड संधारण सही न पाये जाने पर एक लायसेंस निलंबित किया गया।धार जिले के 85 विक्रय केन्द्रों में किये गये निरीक्षण में अवैध भण्डारण के एक प्रकरण में एफ.आई.आर. की कार्यवाही,

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पांच लायसेंस निरस्त करने और 3 प्रकरणों में लायसेंस निलंबन की कार्यवाही की गई। इसी प्रकार खण्डवा जिले में 26 विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण में अनियमित्ताओं के कारण 3 संस्थाओं को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किए गये.

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