बेटी को दफना कर लिखाई गुमशुदगी की रिपोर्ट, 10 साल बाद खुला राज

 

हाइलाइट्स:

  • मां की डांट के बाद 17 साल की बेटी ने कर ली थी खुदकुशी
  • बदनामी के डर से माता-पिता ने उसे दफना दिया था
  • मंडी पुलिस में माता-पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
  • पूछताछ के दौरान पिता ने दफनाने की बात स्वीकार की

सीहोर
10 साल पुराने एक मामले की गुत्थी सीहोर पुलिस ने सुलझा ली है। दरअसल, एमपी में गुम बालिकाओं की तलाश के लिए सरकार एक मुहिम चला रही है। ऐसे में पुलिस पुरानी फाइलों को भी खंगाल रही है। इस दौरान सीहोर के मंडी पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। 10 साल पहले दफनाए गए शव को पुलिस ने कब्र से निकाला है।

दरअसल, 17 साल की लड़की ने 2011 में खुदकुशी कर ली थी। बदनामी के डर से उसके परिजनों ने उसे दफना दिया था। साथ ही पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। 10 साल से पुलिस लड़की को ढूंढ रही थी। इस दौरान कुछ इपुट्स मिले थे कि लड़की को दफनाया गया है। इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने कब्र की खुदाई करवाई तो लड़की के अवशेष मिले हैं, जिसे परीक्षण के लिए भोपाल भेजा गया है। पुलिस ने अवशेष मिलने के बाद लड़की के पिता सहित 4 लोगों को हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार 2011 में ग्राम मनखेड़ा निवासी इकराम ने अपनी17 बर्षीय बेटी के गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुम बालिका दस्तयाब मुहिम के दौरान जब बच्ची के माता-पिता से थाने बुलाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने मामले में खात्मा लगाने की बात कही। जिससे पुलिस का शक परिजनों पर गया। जब सख्ती से पूछताछ किया तो उन्होंने कबूल किया कि लड़की ने जहर खाकर आत्महत्या हत्या की थी और उसे ग्राम मुड़ला खुर्द के कब्रिस्तान में रात को दफना दिया।

इंदौर को शर्मसार करने वाले वीडियो से एक घर में लौटीं खुशियां, 1 महीने बाद पत्नी को मिला गुमशुदा पति
परिजनों की निशानदेही पर मंडी थाना पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम के साथ मुड़ला खुर्द के कब्रिस्तान में जेसीबी से खुदाई कराई तो यहां से एक शव के अवशेष प्राप्त हुए। जिन्हें परीक्षण के लिए भोपाल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इस मामले में मंडी टीआई मनोज मिश्रा ने कहा कि लंबे अरसे इस तरह के मामले लंबित थे। सीएम के निर्देश पर पुराने मामले में खोजबीन शुरू की गई है। उसके बाद इस केस पर से पर्दा उठा है।

Source link