Indore: जीते जी कोई दान न कर सके तो मरने पर अंग दान अवश्य करे – पंडित प्रदीप मिश्रा

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Indore: श्री शिव महापुराण का मूलमंत्र है श्री शिवाय नमस्तुभ्यं। इस महामंत्र के जप से मनुष्य जीवन का कल्याण हो जाता है। मृत्यु के बाद स्वर्ग मिलेगा या नर्क यह तो कोई नहीं बता सकता, लेकिन शिव महापुराण की कथा का श्रवण करने से भारत भूमि पर दोबारा जन्म जरूर मिलेगा, यह पक्का है।

जीते जी अगर कोई दान नहीं कर सकते तो मरने के बाद अंग दान करके जाएं। इससे दूसरों को नया जीवन मिलेगा। वो आपकी आंखों से जब दुनिया को देखेगा तो आपको खूब आशीर्वाद देगा।

Indore: ये बातें प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्री चौबीस अवतार मंदिर में भगवान शिव के 11 रुद्र मंदिर निर्माण को लेकर आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिन सोमवार को कही। उन्होंने कहा कि पढ़ने-लिखने मात्र से विद्वता नहीं आती, विद्वता अनुभव से आती है।

उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा में वे जो भी उपाय बता रहे हैं, शास्त्र सम्मत हैं। हमारे वेद पुराण और शास्त्र सनातन धर्म को जोड़ने का काम करते हैं, इनमें कोई बड़ा या छोटा नहीं है। सब सनातनी एक हैं। जातियों में बांटने का काम हमने किया है। हमारे शास्त्रों ने नहीं।

जहां सब फेल हो जाते हैं, वहां शंकर काम आते हैं – पं. मिश्रा ने अंग दान का महत्व बताते हुए कहा कि लोगों ने इसे लेकर कई तरह के भ्रम फैला रखे हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म अपने आप में महान है। इसके शास्त्र, वेद और पुराणों में कई अच्छे उपाय और निदान हैं।

आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। हमारा धर्म अपने आप में संपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जहां सब फेल हो जाते हैं, वहां शंकर काम आते हैं। जहां डाक्टर फेल हो जाते हैं, वहां महादेव काम आते हैं।

दानदाताओं का सम्मान किया – कथा में सोमवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज पटेल, सचिव चिंटू वर्मा ने मंदिर में दान देने वाले दानदाताओं का सम्मान किया। कथा के मुख्य यजमान बब्बी दरबार ने सपत्नीक व्यासपीठ का पूजन किया।

भगवान शिव के एकादश रुद्र मंदिर निर्माण में सोमवार को शंकर दादू राठौर परिवार ने एक मंदिर निर्माण की घोषणा की। कथा में भगवान श्री गणेश परिवार की जीवंत झांकी बनाई गई। शिव महापुराण कथा का समापन मंगलवार को होगा।

11 रुद्र मंदिर निर्माण का भूमिपूजन – शिव के 11 रुद्र मंदिर निर्माण निमित्त हो रही कथा के दौरान शिव मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले ने किया। यह कार्य वैदिक मंत्र उच्चारण से पुजारी पंडित राजेश ने करवाया। इस अवसर पर समस्त ट्रस्टी उपस्थित थे। छह दिन में छह दानदाताओं ने रुद्र के छह मंदिर निर्माण का संकल्प लिया है।

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