गुलाम नबी आजाद की राज्यसभा से विदाई, मल्लिकार्जुन खड़गे बनाए जा सकते हैं विपक्ष के नेता

 

नई दिल्लीः राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा कार्यकाल 15 फरवरी को खत्म होने वाला है. सदन में सभापति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार समेत तमाम नेताओं ने उन्हें भावभीनी विदाई दी. आजाद की विदाई पर प्रधानमंत्री मोदी भावुक भी हुए और कई घटनाओं का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ भी की. लेकिन आजाद के जाते ही अब बड़ा सवाल ये उठता है कि कांग्रेस आखिर किसको विपक्ष का नेता बनाएगी.

सूत्रों की मानें तो पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे मल्लिकार्जुन खड़गे को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है. गौरतलब है कि खड़गे हाल ही में राज्यसभा में सदस्य के तौर पर आए हैं. खड़गे इस बार लोकसभा चुनाव हार गए थे.

आनंद शर्मा भी जता रहे दावेदारी

वहीं, राज्य सभा में विपक्ष के उप नेता आनंद शर्मा भी चाहते हैं कि विपक्ष का नेता उनको बनाया जाए, मगर सूत्रों के मुताबिक हाल ही में संगठन को लेकर कई सवाल खड़े करती सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी के बाद पार्टी नेतृत्व उन्हें ये जिम्मेदारी देने पर ज्यादा उत्साहित नहीं है.

एक- दो दिन में तय हो सकता है नाम

सूत्रों के मुताबिक़ नेता विपक्ष का नाम एक-दो दिनों में तय कर दिया जाएगा. असल में कांग्रेस के लिए चुनौती का काम ये भी है कि किसी ऐसे वरिष्ठ नेता को विपक्ष का नेता बनाना होगा जो विपक्ष के तमाम दूसरे दलों और वरिष्ठ नेताओं से सामंजस्य बना सके.

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