कौन हैं एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह जो करेंगे कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे की जांच?

 

Air Marshal Manvendra Singh: देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत (Madhulika Rawat) की मौत हो गई है. बुधवार की दोपहर तमिलनाडु के कुन्नूर में सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था. इस हेलिकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे जिसमें से 13 लोगों की मौत हो गई.

एक तरफ जहां पूरा देश अपने सबसे बड़े सैन्य अफसर CDS बपिन रावत  खो देने का दुख मना रहा है वहीं आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना की जांच एयर मार्शल मानविंदर सिंह को सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि जांच टीम ने कल ही कुन्नूर पहुंचकर अपना काम शुरू कर दिया है.

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खुद एक हेलिकॉप्टर पायलट हैं एयर मार्शल 

एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह CDS बिपिन रावत हेलीकॉप्टर दुर्घटना की त्रि-सेवा जांच (Tri-Services Inquiry) का नेतृत्व करेंगे. मानवेंद्र सिंह भारतीय वायु सेना के प्रशिक्षण कमान के कमांडर हैं और खुद एक हेलिकॉप्टर पायलट हैं. एयर मार्शल सिंह, 29 दिसंबर 1982 को हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में शामिल हुए थे. उन्होंने इस साल के फरवरी में ही प्रयागराज में मध्य वायु कमान के प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला था.

इससे पहले साल 2019 में एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक (निरीक्षण और सुरक्षा) पद का कार्यभार संभाला था. अपने 40 साल के करियर में मार्शल ने कई तरह के हेलिकॉप्टर उड़ाए हैं. मानवेंद्र सिंह के पास 6600 घंटे से भी ज्यादा का उड़ान अनुभव है. उन्होंने सियाचिन, उत्तर पूर्व उत्तराखंड, पश्चिमी मरूस्थल और कांगो लोकतांत्रिक गणतंत्र में उड़ान भरी है.

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कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं एयर मार्शल

पायलट होने के साथ ही एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह विस्तृत ट्रेनिंग एक्सपीरिएंस के साथ वह एक ट्रेंड फ्लाइंग इन्स्ट्रक्टर भी हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यभार संभाला है. उन्हें एक ऑपरेशनल हेलिकॉप्टर यूनिट का कमांडिंग ऑफिसर भी बनाया जा चुका है.

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जिसके बाद वह एक अग्रिम हेलिकॉप्टर अड्डे के स्टेशन कमांडर बनाए गए. उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल, वीर चक्र औऱ विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है.

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