100 साल बाद भी बरकरार है शराब की बोतलों से बने शीशमहल की खूबसूरती, देखिए तस्वीरें

 

Castle of glass इस महल को बनने के लिए शराब की बोतलों को प्लास्टर ऑफ पेरिस से जोड़ा गया था। राजशाही के जमाने में मेहमानों को परोसी गई शराब की बोतलों से इसे बनाया गया।

Video-बुंदेलखंड के टीकमगढ़ में है शराब की बोतलों से बना महल, जानिए इसकी कहानी

बुंदेलखंड के टीकमगढ़ में है शराब की बोतलों से बना शीश महल (Castle of glass), जानिए इसकी कहानी

​दुनिया में अपनी तरह का अकेला महल

महलों के बारे में आपने बहुत पढ़ा और सुना होगा मगर एक ऐसा महल भी है जो शराब की बोतलों से बना है। (Castle of glass) शीश महल (बोतल हाउस) के नाम से प्रसिद्ध यह महल बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में है। दुनिया में संभवत: इस तरह का दूसरा कोई महल नहीं है जो शराब की बोतलाें से बना हो।

​करीब 100 साल पहले बना बोतल महल

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100 साल बाद भी बरकरार है शराब की बोतलों से बने शीशमहल की खूबसूरती, देखिए तस्वीरें
इस महल के बनने की कहानी कुछ निराली है। बात 1927 की है जब इस इलाके को ओरछा रियासत के नाम से जाना जाता था और यहां के राजा वीर सिंह जूदेव हुआ करते थे। उनके यहां दूसरी रियासतों के राजाओं के साथ खास मेहमानों के आने पर उनका स्वागत राजशाही अंदाज में हुआ करता था। मेहमानों के लिए खास तरह के व्यंजनों के साथ उम्दा किस्म की शराब भी परोसी जाती थी।खुदाई में मिली हजारों साल पुरानी शराब की फैक्ट्री, रोज बनायी जाती थी लाखों लीटर मदिरा

​ऑस्ट्रेलिया के सर विडवर्न ने दी थी सलाह

एक बार हजारों की तादाद में शराब की बोतलें इकट्ठा हो गईं। इन बोतलों को फेंका जा रहा था। तभी रियासत के बागबान और ऑस्ट्रेलिया के सर विडवर्न ने राजा वीर सिंह जूदेव को सलाह दी कि वे बोतलों से महल बना सकते हैं। राजा ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति दे दी।

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​शराब की बोतलों को प्लास्टर ऑफ पेरिस से जोड़ा

सर विडवर्न ने 1927 से 1929 के बीच शराब की बोतलों को प्लास्टर ऑफ पेरिस की मदद से कुछ इस तरह जोड़ा कि इसने आशियाने का रूप ले लिया। इस महल को बनाने में वाट, हरी बीयर और वोदका की बोतलों का इस्तेमाल किया गया है। इस महल में कुल छह कमरे, रसोई, सौंदर्य प्रसाधन गृह और अतिथियों के बैठने के लिए फर्नीचर भी है। यह सब कुछ शराब की बोतलों से बना है। राजपरिवार के सदस्य विश्वजीत सिंह बताते हैं कि यह महल सर विडवर्न की देख-रेख में बना था और वे ही इसमें रहा करते थे।

​हर किसी को लुभाता है यह महल

टीकमगढ़ से पांच किलोमीटर दूर गणेशगंज में बना यह महल हर किसी का दिल लुभा लेता है। शराब की बोतलें कुछ इस तरह से जोड़ी गई हैं कि वे रोमांचित कर देती हैं। इस महल को कुछ लोगों ने बदरंग जरूर किया है मगर अब भी यह बेजोड़ है। महल में कुल 6 कमरे, रसोई, सौंदर्य प्रसाधन गृह और अतिथियों के बैठने के लिए फर्नीचर भी है।

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