एक फोन कॉल ने खोल दिया भय्यू महाराज की जिंदगी और मौत का राज

 

इंदौर
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भय्यू महाराज (bhaiyyu ji maharaj case update) सुसाइड मामले में इंदौर कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी करार दिया। शुक्रवार को कोर्ट ने अपने फैसले में केयरटेकर पलक पुराणिक, मुख्य सेवादार विनायक और सेवादार शरद को छह-छह साल की सजा सुनाई।

इन तीनों को 2019 में ही गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उनके खिलाफ आरोप साबित करना इतना आसान नहीं था। केस के पहले इनवेस्टिगेशन ऑफिसर इसे आत्महत्या का सामान्य मामला मानकर अपनी रिपोर्ट दे चुके थे।

इसी बीच एक अनजान फोन कॉल ने मामले को पूरी तरह पलट दिया। इस फोन कॉल ने भय्यू महाराज (bhaiyyu ji maharaj case update) की मौत के लिए दोषी आरोपियों के चेहरे सबके सामने लाकर रख दिए। इतना ही नहीं, इस एक फोन कॉल ने भय्यू महाराज की जिंदगी के वे राज भी खोल दिए जो उनकी मौत के बाद शायद ही दुनिया के सामने आते।

यह फोन कॉल भय्यू महाराज के वकील निवेश बड़जात्या के पास आया था। निवेश बड़जात्या बीते 22 साल से महाराज के करीबी थे और उनके कानूनी मामले देखते थे। एक अनजान आदमी ने बड़जात्या को फोन कर पांच करोड़ रुपयों की मांग की। पैसे नहीं देने पर जान लेने की धमकी भी दी। बड़जात्या ने पैसे देने से इनकार कर दिया और पुलिस को इसकी सूचना दे दी।

पुलिस इसे रंगदारी या अवैध वसूली जैसा मामला समझ रही थी, लेकिन जांच में फोन करने वाले शख्स का नाम सामने आते ही अधिकारियों के कान खड़े हो गए। फोन करने वाला भय्यू महाराज का ड्राइवर रह चुका कैलाश पाटिल था।

bhaiyyu ji maharaj case update

पुलिस ने कैलाश से पूछताछ की तो पलक, विनायक और शरद के बीच गठजोड़ की बात का पता चला। फिर तो एक-एक कर इस केस की परतें उघड़ने लगीं और पुलिस ने ऐसे सबूत इकट्ठा कर लिए कि आरोपियों के लिए बचाव का रास्ता नहीं बचा।

कैलाश ने पुलिस को बताया कि पलक, विनायक और शरद की तिकड़ी भय्यू महाराज के पैसों का हेरफेर कर चुकी है। कैलाश ने बताया कि भय्यू महाराज के अलावा वह पलक और विनायक को भी गाड़ी में बिठाया करता था।

इस दौरान उनके बीच होने वाली बातचीत के बारे में उसने बताया तो पुलिस को जांच का एक सिरा मिल गया। इसके बाद पुलिस इस तिकड़ी तक पहुंची। उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों मिलकर महाराज को आत्महत्या के लिए उकसा (palak puranik blackmailed bhaiyyuji maharaj) रहे थे।

पाटिल ने इन तीनों की पोल तो खोली ही, भय्यू महाराज की जिंदगी के काले सच के बारे में बताया। उसने पुलिस को बताया कि महाराज गाड़ी में बैठकर अक्सर लड़कियों से बात किया करते थे। उनकी बातचीत आम तौर पर अंगरेजी में होती थी। भय्यू महाराज को लगता था कि पाटिल अंगरेजी नहीं समझता था, लेकिन उनके साथ रहकर वह थोड़ी-बहुत अंगरेजी समझने लगा था।

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पाटिल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इस सिरे को खंगालना शुरू किया तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। एक-एक कर 12 लड़कियों से महाराज के रिश्तों (Bhaiyyu Ji Maharaj relation with Girls) की बात सामने आई। इनमें से दो तो आईएएस अधिकारी हैं और दूसरे राज्यों में पदस्थ हैं।

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पाटिल ने पुलिस को बताया कि मुख्य सेवादार विनायक और शेखर को ये बातें पता थीं क्योंकि उनके पास लड़कियों के फोन आते थे। इन्हीं जानकारियों के बूते भय्यू महाराज के करीबियों ने उन्हें ब्लैकमेल करने का प्लान तैयार किया था जो अंततः उनकी मौत का कारण बना।

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