ध्रुव वाणी बड़वानी
मौसम में बदलाव को देखते हुए संभावित श्वसन संबंधी बीमारियों और मौसमी इन्फ्लूएंजा की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जिले के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इन्फ्लूएंजा एक मौसमी संक्रमण है, जिससे बचाव के लिए व्यक्तिगत सतर्कता आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा जमरे ने बतया कि संक्रमण से बचाव के लिए प्रमुख निर्देश संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए विभिन्न निर्देशों का सख्ती से पालन करना आवश्यक हैं। वहीं नागरिकों से अपील की है कि वे इन स्वास्थ्य निर्देशों का पालन कर स्वयं को और अपने परिवार को मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखें।
यह हैं बचाव के उपाय
- व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें खांसते या छींकते समय हमेशा मुंह और नाक को टिशू पेपर, रुमाल, या कोहनी से ढकें।
- मास्क का उपयोग भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, जैसे बाजारों, सार्वजनिक परिवहन या चिकित्सालयों में जाते समय मास्क का उपयोग करें।
- हाथों की स्वच्छता हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं। विशेषकर खांसने, छींकने या किसी सतह को छूने के बाद।
- सीमित संपर्क बनाएं ऐसे व्यक्तियों के संपर्क को सीमित रखें जो श्वास की बीमारी, जैसे सर्दी, जुकाम या खांसी से पीडि़त हैं।
- सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें, क्योंकि यह संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा देता है।
बीमार होने पर यह करें
- यदि आपको बुखार, खांसी, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।
- डॉक्टर की सलाह पर, इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होने पर उपचार लें।
- बीमारी की शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देते हुए शीघ्र उपचार लें।