बेड के लिए वकील को लेकर भटकते रहे मां और भाई, बाइक पर ही थम गईं सांसें

 

हाइलाइट्स:

  • एमपी के रतलाम में बाइक पर ही वकील की मौत
  • अस्पताल में इलाज के लिए परिवार को नहीं मिला था बेड
  • बाइक से ही मां और भाई वकील को लेकर भटक रहे थे
  • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में नहीं मिला बेड

रतलाम
सरकारी दावों से इतर एमपी में जमीनी हालत कोरोना से ठीक नहीं हैं। अभी भी लोग बेड के लिए भटक रहे हैं। मंगलवार को रतलाम से दिल दहलाने देने वाली तस्वीर सामने आई है। कोरोना संक्रमित एक advocate वकील ने बाइक पर ही दम तोड़ दिया है। मां और भाई इलाज के लिए वकील को बाइक से लेकर भटक रहे थे, लेकिन किसी अस्पताल में बेड नहीं मिला।

अस्पताल ले जाने के लिए परिवार को एंबुलेंस भी नहीं मिला। वकील advocate ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया है। कोरोना संदिग्ध होने की वजह से रास्ते में कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया है। मौत के बाद पीएम के लिए कुछ पुलिसकर्मियों ने वकील के शव को जिला अस्पताल पहुंचाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वकील सुरेश डागर की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी। घर पर ही उनका इलाज चल रहा था।

मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। उसके बाद मां और भाई बाइक से लेकर रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें बेड नहीं मिला। उसके बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाने लगा। वहां भी बेड नहीं मिला, उसके बाद दूसरे अस्पताल में ले जाने लगे। इस दौरान रास्ते में वकील सुरेश डागर की मौत हो गई।

हालांकि सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि अस्पतालों में बेड की दिक्कत नहीं है। मगर रतलाम की घटना प्रदेश को शर्मसार करने वाली है। वीडियो वायरल होने के बाद जिले के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। वकील की मौत से सिस्टम पर एक बड़ा सवाल है।

 

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