केशकाल नगरी क्षेत्र के व्यापारी मंगलवार-बुधवार सुबह 8 से 5 बजे तक खुली रखेगें दुकाने

दो दिन बाद फिर से होगी समीक्षा बैठक,इन बातों का रखना होगा ध्यान

०-सुरेश कश्यप की रिपोर्ट

केशकाल । 8 सितंबर को एसडीएम दीनदयाल मण्डावी द्वारा नगर पंचायत में आयोजित बैठक में केशकाल नगरीय क्षेत्र के सभी व्यापारियों ने अपनी स्वेच्छा से 10 सितंबर से 14 सितंबर तक के लिए नगर बंद रखने का निर्णय लिया था।जिसे ध्यान में रखते हुए नगर बन्द के चौथे दिन रविवार को पुनः नगर पंचायत परिसर मे समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगी सभी दुकानें

बैठक में सभी व्यापारियों के द्वारा सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि मंगलवार से नगर में सभी दुकानें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खोली जा सकती है। इस दौरान नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दुकानदारों को जिला प्रशासन की गाइडलाइंस मास्क अनिवार्य, सेनेटाइजर का उपयोग, शोशल डिस्टेंनसिंग का आवश्यक रूप से पालन करना होगा।

दो दिनों के बाद नगर पंचायत परिसर में पुनः बैठक कर समीक्षा की जाएगी। यदि इन दो दिनों में नगरवासियों व व्यापारियों के द्वारा नियमों का पालन किया गया व स्थिति नियंत्रण में रही तो आगामी दिनों में इसी नियम के साथ दुकानों को खोला जा सकेगा, यदि स्थिति खराब होती नजर आयी तो पुनः नगर बन्द भी किया जा सकता है।

मंगलवार साप्ताहिक बाजार भी इन्ही नियमों व शर्तों के आधार पर खुलेंगी-

बैठक में चर्चा के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी मंगलवार से नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार भी इन्ही नियमों व शर्तों के आधार पर खोले जाएंगे जिन नियमो से नगर के अन्य दुकानें संचालित की जाएंगी। बाजार में मास्क अनिवार्य, सेनेटाइजर का उपयोग, शोशल डिस्टेंनसिंग का पालन करते हुए सुबह 10 बजे से 5 बजे तक ही दुकानों को खोला जाना निश्चित किया गया है।

यदि हम अपने घर के बच्चों और बुजुर्गों को बचाना चाहते हैं तो कड़ा निर्णय लेना होगा- बीएमओ

समीक्षा बैठक के दौरान केशकाल खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. बिसेन ने कहा कि नगर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है। साथ ही अब तक नगर में 2 लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत भी हो गयी है। इसके बाद भी नगरवासियों के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, यदि हम अपने घर के बच्चों और बुजुर्गों को बचाना चाहते हैं तो कड़ा निर्णय लेना होगा, वरना भविष्य में हमे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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